जयपुर । अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने खेमराज कमेटी की रिपोर्ट को कर्मचारियों के साथ धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सामंत कमेटी और खेमराज कमेटी के चक्कर में कर्मचारियों को उलझा कर उनके 7 साल से ज्यादा समय को बर्बाद किया है और सरकारी धन का भी दुरुपयोग किया है। जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।उन्होने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट में ज्यादातर संगठनों की जायज मांगों को नकार दिया गया है। जिसमें मंत्रालयिक संवर्ग की द्वितीय पदोन्नति 4200 करने एवं चिकित्सा विभाग के पैरामेडिकल कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतन देने, जेल प्रहरी तथा होमगार्ड के पदों की चली आ रही विसंगतियों को दूर नहीं किया तथा शिक्षा विभाग के अध्यापकों की वेतन विसंगतियों और वाहन चालक एवं अन्य आइसोलेटेड पदों के कार्मिकों सहित आयुर्वेद वन विभाग के कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर नहीं किया गया है।
इससे प्रदेश के राज्य कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। राठौड़ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से वेतन विसंगतियों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। राठौड़ ने कहा कि महासंघ, (एकीकृत) जल्दी ही प्रदेश महा समिति की मीटिंग बुलाकर कर्मचारी संघों से बात करेगा और आवश्यकता पड़ी तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रणनीति तय करेगा।
