जयपुर, 19 दिसंबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में चंद्र प्रकाश श्रीमाली, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), जयपुर महानगर द्वितीय के निर्देशन में माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के प्रकरण ‘‘सुप्रिया चक्रवर्ती बनाम भारत संघ सिविल के क्रम में प्रदत्त दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर, द्वितीय द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर प्रथम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला तथा नई भोर संस्था के समन्वय से समलैंगिक एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों को परिभाषित करने एवं उक्त अंकित समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा हेतु पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पैरा लीगल वॉलेन्टीयर्स आदि हेतु ऑनलाईन/ऑफलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विधि विद्यार्थियों द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के प्रकरण ‘‘सुप्रिया चक्रवर्ती बनाम भारत संघ सिविल’’ की विस्तृत जानकारी उपस्थित जन को प्रदान की। इस क्रम में नई भोर संस्था की प्रभारी पुष्पा जी ने बताया कि उक्त समुदाय के लोगों आज के इस विकसित मानसिकता वाले समाज में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समुदाय विशेष के लोगों को शिक्षा, चिकित्सा एवं मुलभूत सुविधाएं प्राप्त करने तक हेतु काफी दिक्कतों को झेलना पड़ता है और आमजन से भी किसी प्रकार की सहायता अथवा सलाह नहीं मिलती है। इसी कारण समुदाय विशेष चिकित्सा एवं अन्य मुलभूत सुविधाओं से भी वंचित हो जाता है तथा इसी कारण शिक्षा का स्तर भी समुदाय विशेष में काफी निम्न स्तर का है।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय सचिव श्रीमती पल्लवी शर्मा ने कहा कि एलजीबीटीक्यूआईए$ एक ऐसा विषय है जो आज भी आमजन के बीच में गलत धारणाओं के कारण संवेदनशील बना हुआ है। आज ये प्रशिक्षण कार्यक्रम इस विषय को साधारण एवं आमजन में प्रचारित करने हेतु आयोजित किया गया है ताकि पैनल अधिवक्तागण, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स(अधिकार मित्र), लीगल एड डिफेंस काउन्सिल को समुदाय विशेष के अधिकारों के बारे में जागरूक किया जा सके ताकि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर चलाये जाने विशेष अभियानों के माध्यम से इस विषय पर भी आमजन में जागरूकता प्रसारित हो सके।
