जयपुर, 14 दिसम्बर | खेमराज कमेटी को सार्वजनिक किए बिना वित्त विभाग के आदेशों से लैब टेक्नीशियन संवर्ग के ग्रेड पे मामले पर एक बार पुनः भटनागर कमेटी की भांति मायूसी छा गई | लैब टेक्नीशियन संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इतना तो तय हो गया कि कोई भी कमेटी कर्मचारियों की वेतन विसंगति के निवारण के नाम पर छलावे के अलावा कुछ नहीं करती | पांच साल कमेटी के नाम सरकार का मोटा पैसा और खर्च हो जाता है, कमेटी केवल पांच साल कर्मचारियों की पीड़ा उनकी मांगों को ठंडे छींटे देने का जरिया मात्र बन चुका हैं लेकिन इस बार तो पहली बार ऐसा हो रहा है कि कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किए बिना, कमेटी की रिपोर्ट को लागू कर दिया कर्मचारियों के अलावा आज तक किसी अन्य के लिए कमेटी का गठन नहीं होता है |
मीडिया प्रभारी संतोष शर्मा ने कहा कि 5 साल डीसी सावंत कमेटी फिर 5 साल खेमराज कमेटी कुल 10 साल निकालने के बाद भी कर्मचारियों अपनी मांगों के प्रति हो रहे अन्याय को सहन करने को मजबूर है और सब जानते भी हैं कि कर्मचारियों में अंदर ही अन्दर गुस्सा आक्रोश और अब पनप चुके गुस्से को शांत करने के लिए जल्द फिर एक नई कमेटी देखने को मिल सकती है | संघ के कोषाध्यक्ष मोहन सिंह राजावत व महामंत्री तरुण सैनी ने कहा वार्ता में कमेटी सदस्यों को लैब टेक्नीशियन की ग्रेड पे 4200 के जरूरी सभी जरूरी दस्तावेज अन्य राज्यों से तुलनात्मक विवरण और हाई रिस्क संक्रमण के बीच नेचर ऑफ जब से लेकर तमाम जरूरी कमेटी द्वारा चाही गई सभी क्वेरी के लिए उपलब्ध कराई गई जैसे हरियाणा में आज भी दसवीं पास और 9 माह की ट्रेनिंग को पर ग्रेड पर 4200 दी जा रही है वहीं राजस्थान में 12th साइंस और 3 साल की डिग्री और 2 साल के डिप्लोमा को पर ग्रेड पे 2800 दी जा रही है, कमेटी मौके पर मानती भी हे कि लैब टेक्नीशियन के साथ गत वर्षों में न्याय नहीं हुआ लेकिन वित्तविभाग के आदेशों से पुनः पुरानी कहानी रिपीट की गई | इससे लैब टेक्नीशियन ,रेडियोग्राफर ECG टेक्नीशियन के साथ समस्त पैरामेडिकल में वित के उपरोक्त आदेशों से आक्रोश है |
