जयपुर 16 नवंबर । अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने हाल ही राजकीय कर्तव्य निर्वहन के दौरान उनियारा में एक एसडीएम के साथ की गई मारपीट पर कड़ा विरोध दर्ज करवाया है। कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा की राजकीय कर्तव्य निर्वहन के दौरान किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारियों से की जाने वाली अभद्रता एवं मारपीट असहनीय ही नहीं दंडनीय भी होनी चाहिए । विभिन्न विभागों के कर्मचारी, जो जनता से जुड़े हुए विभागों में कार्यरत हैं तथा सरकार की नीतियों को फील्ड में क्रियान्वित करते हैं उनके साथ भी आए दिन इसी प्रकार की घटनाएं होती रहती हैं परंतु अधिकारी एवं स्थानीय प्रतिनिधि, सभी मिलकर मामले को दबा देते हैं।
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, चिकित्सा विभाग, आबकारी विभाग, राजस्व विभाग,पुलिस विभाग, पशुपालन विभाग, बिजली विभाग, रोडवेज, संविदा कर्मियों आदि के साथ ऐसी घटनाएं रोज की बात है। अनेक विभागों में तो यह भी देखने में आया है की अधीनस्थ कर्मचारियों को अधिकारी भी असभ्य भाषा का प्रयोग करते हैं, जो उचित नहीं। अधिकारियों की भांति कर्मचारियों में भी इस प्रकार की घटनाओं से अत्यंत आक्रोश एवं नाराजगी है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत एवं उससे सम्बद्ध सभी संगठनों राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पारीक एवं प्रदेश महामंत्री देवेंद्र सिंह नरूका, राजस्थान वर्क चार्ज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप यादव प्रदेश महामंत्री मोहनलाल शर्मा राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष श्याम सिंह राजस्थान फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष तिलक शर्मा, राजेंद्र शर्मा ओम प्रकाश चौधरी सर्वेश्वर शर्मा बहादुर सिंह नागेंद्र सिंह नाथावत बाबूलाल शर्मा आदि कर्मचारी नेताओं ने राजस्थान एम्पलाइज प्रोटेक्शन एक्ट में सभी को शामिल करने की मांग की है।
