जयपुर, 30 अक्टूबर | दीपावली से एक दिन पहले छोटी दीपावली को रूप चौदस के रूप में मनाया जाता है | हमारे धर्म में इसे सौंदर्य और सौभाग्य बढ़ाने वाली चतुर्दशी भी कहां जाता है | इस दिन कुछ खास उपाय करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है साथ ही इसके अलावा सुंदरता भी बढ़ती है | वही रूप चौदस को नरक चतुर्दशी, नरक चौदस के नाम से भी जाना जाता है मान्यता है कि है कि दीपावली की रात माता लक्ष्मी धरती पर आती हैं और साफ सफाई वाले घर में वास करती हैं |
ठीक उसी तर से दीपावली के एक दिन पहले माता लक्ष्मी की बहन अलक्ष्मी धरती पर आती हैं और जिसके घर में सफाई की कमी होती हैं वहीं पर अपना निवास बना लेती है | इस दिन को लेकर और भी बहुत सी मान्यताएं और कथाएं जुड़ी हुई हैं. जिसमें से यह भी कहा जाता है कि इस दिन कुछ उपायों को करने से लोग विभिन्न तरह के रोगों और परेशानियों से दूर रहते हैं | रूप चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार और राजा बलि की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए | ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने से धन की देवी माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है और उनका स्थायी आगमन आपके घर-परिवार में होता है |
