जयपुर , 14 जून | जयपुर में चल रहे लव जिहाद के मामले में हिंदू संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ से मुलाकात कर इस मामले में थानाधिकारी और डीसीपी के एकतरफा कार्यवाही और संदिग्ध भूमिका की जांच की मांग की । पहले तो थानाधिकारी द्वारा fir दर्ज नहीं की उसके बाद डीसीपी द्वारा FIR दर्ज करने में आनाकानी की साथ ही गुपचुप लड़की को बिन्दायका थाने की बजाय सीकर रोड पर विश्वकर्मा थाने में ले जाकर और माँ व भाई को भी वहाँ बुला कर दस मिनट में फ्री कर दिया । परिजनों को पर्याप्त मौका समझाइश का नहीं देकर संदिग्ध भूमिका निभाई है और इसके बाद लड़की की जान को खतरे की सूचना परिजनों द्वारा देने के बाद भी लड़की को किसी अनजान व्यक्ति के साथ रवाना कर दिया जो कि एक बड़ी लापरवाही है । परिजनों द्वारा स्कूटी और सामान ले जाने की व मुस्लिम युवक द्वारा षड्यंत्र पूर्वक ले जाने की FIR पर पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं करना भी पुलिस की भूमिका को संदेहास्पद दर्शाता है |


पुलिस कमिश्नर ने इस मामले की जांच कराने को कहा है । प्रतिनिधिमंडल में फाइट फॉर राइट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील उदेईया, विप्र महासभा के संरक्षक नटवर लाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र भारद्वाज, अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज थोई, महिला अध्यक्ष श्वेता शर्मा, एड कमल कांत शर्मा, महासभा के संभाग अध्यक्ष दीपेश मिश्रा, देवेंद्र शर्मा, सेशन बार के सचिव राजकुमार शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे । सुनील उदेईया ने सरकार से अपील की है कि ऐसे संवेदनशील प्रकरणों में पुलिस अधिकारियों को सख़्त और सक्रिय रहने के निर्देश देने चाहिए, पुराने कानूनों में कोई कमी है तो उनमें बदलाव करना चाहिए अधिकारियों की लचर भूमिका किसी बड़े विवाद का कारण भी बन सकती है |
