जयपुर, 5 जून | देश में हुए लोकसभा चुनावों के रिज्लट कल घोषित हो चुके है जिसमे राजस्थान राज्य को बात करे तो यहाँ पर जनता जनार्दन ने 14 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों को जीत का सेहरा पहनाया है वही कॉग्रेस 8 सीटों पर, 3 सीटों पर अन्य को जिताया है | इन परिणामो से आने वाले दिनों में बीजेपी क्या सबक लेगी और कांग्रेस नयी ऊर्जा के साथ अपने आप को स्थापित कर पायेगी | जहा जहा कांग्रेस जीत हासिल की वहा पर जातिगत समिकरणो को अच्छे से साध पायी है | वही शेखावाटी में बीजेपी को कांग्रेस ने अच्छी खासी पटकनी देते हुए सीकर, चूरू, झुंझुनू सीट पर जाट वोट बैंक को एक कर अपने पाले में लाने में कामयाब हुई वही झुंझुनू के बात करे तो राजपूतो की नाराजगी बीजेपी को ले डूबी | वही बाड़मेर – जैसलमेर की बात करे तो जाटो का कांग्रेस की ओर झुकाव के साथ ओबीसी, अल्पसंख्यक, एससी-एसटी वोटर आना वहा की जीत तय |


भरतपुर, धौलपुर – करौली, टोंक – सवाई माधोपुर पर मीणा गुजर्र जाति के साथ ओबीसी अल्पसंख्यक मतदाता का झुकाव कांग्रेस की और रहा वही इस बात को बीजेपी कही समझ नहीं पायी और केंद्र की योजना और मोदी के नाम को सुरक्षित मान कर चल रही थी जो उनकी हार का कारण बना साथ इस एरिये में बीजेपी के कई बड़े नेता आपसी खींचातानी ने भी आग में घी डालने का काम किया है | पुराने बीजेपी के धुरंधर नेताओ ने चुनावो दुरी बना कर रखी और सारा जिम्मा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा पर छोड़ दिया | वही दूसरी और कांग्रेस ने आपसी खींचातानी पर पार पाते हुए पूर्ण एकता के साथ चुनाव लड़ा जिसका परिणाम है पुरे 10 सालो बाद खाता खोलने में कामयाब हो पायी है |
