Thursday, January 29, 2026
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जनसेवा और जीवन रक्षा का उद्देश्य सर्वोपरि​ इसमें असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं​ की जायेगी


जयपुर, 6 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह ने कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। जनसेवा और जीवन रक्षा का उद्देश्य ही सर्वोपरि है। स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर असंवेदनशील रवैया या लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में दोषी अधिकारी या कार्मिक के साथ-साथ संबंधित उच्च अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। वह  मौसमी बीमारियों, चिकित्सा संस्थानों के लिए भूमि की उपलब्धता, फायर एनओसी सहित अन्य विषयों पर आयोजित राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि विगत दिनों में कुछ चिकित्सा संस्थानों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें चिकित्सकों एवं अन्य कार्मिकों का मरीजों के प्रति असंवेदनशील रवैया रहा या लापरवाही हुईं। ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए चिकित्सा प्रबंधन से संबंधित एसओपी और गाइडलाइंस को और सुदृढ़ बनाया जाए। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन पूरी गंभीरता के साथ व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करे। 
                               
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मौसमी बीमारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इस बार मौसमी बीमारियों की रोकथाम और प्रसार को रोकने के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रदेश में एक अप्रैल से मलेरिया क्रैश प्रोग्राम चलाया जा रहा है, ताकि बारिश के मौसम में इस बीमारी का प्रसार नहीं हो। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी जमीनी स्तर पर जिम्मेदारी के साथ काम करें। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य, संयुक्त निदेशक जोन, सीएमएचओ, पीएमओ सहित पूरा सिस्टम प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ काम करें।
                               

श्रीमती सिंह ने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अंतर विभागीय समीक्षा साप्ताहिक रूप से की जाएगी। जिला एवं ब्लॉक स्तर पर भी मौसमी बीमारियों की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देष दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी मलेरिया, डेंगू आदि मौसमी बीमारियों के केस ज्यादा सामने आएं, वहां बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करें। स्थानीय निकाय विभाग समझाइष के बाद भी पानी भराव की स्थिति पाए जाने पर चालान की कार्यवाही करे।उन्होंने  कहा कि स्थानीय निकाय विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, पंचायतीराज विभाग, सहित सभी संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय कर समुचित तैयारियां की जाएं। अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहे। हैचरीज समय पर शुरू हों। सोर्स रिडक्शन, इनडोर स्प्रे एवं एंटी लार्वा गतिविधियां करने के साथ ही आमजन एवं स्कूलों में बच्चांे को इन बीमारियों से बचाव के लिए आईईसी गतिविधियां की जाएं। मौसमी बीमारियों से जुड़ी सभी गतिविधियों एवं केसेज की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिष्चित की जाए।

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