जयपुर/पंचकूला, 14 अक्टूबर | आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान मानद विश्वविद्यालय, जयपुर के शैक्षणिक विस्तार की दिशा में दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां जुड़ी हैं। संस्थान के पंचकूला (हरियाणा) स्थित ऑफ-कैंपस परिसर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आयुर्वेद के 14 नए स्नातकोत्तर (PG) डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) ने 70 सीटों की अनुमति प्रदान की है। वहीं जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में पहली बार बैचलर ऑफ फार्मेसी (आयुर्वेद) यानी बी.फार्मा (आयु) पाठ्यक्रम में 20 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है।
कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने इन उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का जयपुर से पंचकूला तक शैक्षणिक विस्तार आयुर्वेद शिक्षा के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाओं से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। जिन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी उनमे आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत, रचना शरीर, क्रिया शरीर, द्रव्यगुण विज्ञान, रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, अगद तंत्र, स्वस्थवृत्त एवं योग, कौमारभृत्य (बाल रोग), कायचिकित्सा, पंचकर्म, स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र, शल्य तंत्र तथा शालाक्य तंत्र शामिल हैं।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली बार चार वर्षीय बैचलर ऑफ फार्मेसी (आयुर्वेद) [B.Pharm (Ayu)] पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके लिए प्रथम वर्ष में 20 सीटें निर्धारित की गई हैं। जिसमे प्रवेश संस्थान द्वारा आयोजित वस्तुनिष्ठ लिखित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। शिक्षण का माध्यम हिंदी एवं अंग्रेजी रहेगा। प्रवेश अधिसूचना के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 2026, प्रवेश परीक्षा 15 नवंबर 2026 तथा शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 1 दिसंबर 2026 निर्धारित है।
