जयपुर, 9 सितम्बर । मानसरोवर क्षेत्र स्थित विल्फ्रेड स्कूल से जुड़ा एक मामला सामने आया है। जिसमे अभिभावक ने आरोप लगाते हये बताया कि उनकी पुत्री ने विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान कक्षा 8वीं में अध्ययन किया था, जिसकी निर्धारित फीस में लगभग 35 हजार रुपये बकाया रह गए थे। पीड़ित अभिभावक के अनुसार, विद्यालय की फीस अत्यधिक होने के कारण उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपनी पुत्री का प्रवेश नजदीक के एक निजी विद्यालय में कक्षा 9वीं में करवा दिया। छात्रा की आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए पूर्व विद्यालय से स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) की आवश्यकता होती है जब पूर्व स्कूल में टीसी के लिए गये तो विल्फ्रेड स्कूल प्रशासन ने बकाया 35 हजार रुपये के साथ-साथ 45 हजार रुपये अतिरिक्त लेट फीस चार्ज जमा कराने का दबाव बनाया | उन्होंने कहा कि स्कुल प्रशासन कुल 80 हजार रुपये जमा कराने के बाद ही टीसी जारी करने की बात कही जा रही है। इस स्थिति के कारण छात्रा की आगे की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। छात्रा को अपनी पढ़ाई छूटने और शैक्षणिक सत्र खराब होने का मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है, वहीं अभिभावक भी आर्थिक एवं मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं।
अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि किसी भी छात्र या छात्रा की शिक्षा केवल आर्थिक विवाद के कारण बाधित नहीं होनी चाहिए। यदि अभिभावक द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो बकाया फीस से कई गुना अधिक राशि को लेट फीस के नाम पर वसूलने का दबाव अत्यंत गंभीर विषय है। संघ ने शिक्षा विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर छात्रा की शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा विद्यालय प्रशासन द्वारा लगाए गए कथित अतिरिक्त शुल्क की भी जांच की जाए। संघ ने यह भी मांग की है कि छात्रा को उसकी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के संबंध में नियमों के अनुरूप तत्काल समाधान किया जाए। इस संबंध संयुक्त अभिभावक संघ मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक सहित जयपुर जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर जांच करने एवं स्कूल संचालक पर सख्त कार्यवाही की मांग की है।
