जयपुर, 9 सितम्बर । राजस्थान गौ सेवा संघ द्वारा संचालित दुर्गापुरा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर गोसेवकों, स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संस्थाओं में नाराजगी सामने आई है। गोसेवकों का आरोप है कि वे अपने स्तर पर चारा खरीदकर अथवा एकत्रित कर राजस्थान गो सेवा संघ की दुर्गापुरा स्थित गौशाला में गौवंश की सेवा के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें गौशाला परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते कई बार उन्हें चारा बाहर ही छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। गौ सेवकों का कहना है कि वे किसी व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा से नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सेवा भावना से प्रेरित होकर चारा लेकर आते हैं। ऐसे में उनके द्वारा गौमाता के लिए लाया गया चारा स्वयं गौशाला के भीतर पहुंचाने की सहज व्यवस्था नहीं होना उन्हें निराश कर रहा है।
मामला थाने तक पहुंचा, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की
बताया गया है कि आज इस संबंध में बाजार नगर थाने में शिकायत की गई। शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित पक्षों से बातचीत कर स्थिति को समझने तथा विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए समझाइश की। गौ सेवकों एवं स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की समझाइश के बावजूद चारा लेकर आने वाले लोगों के प्रवेश एवं सेवा से जुड़ी समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। इसके चलते गौ सेवकों एवं सामाजिक संस्थाओं में नाराजगी बनी हुई है और विरोध लगातार जारी है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शी व्यवस्था की मांग
गोसेवकों, स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संस्थाओं ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले का निष्पक्ष संज्ञान लिया जाए और राजस्थान गो सेवा संघ द्वारा संचालित दुर्गापुरा गौशाला में चारा एवं अन्य सेवा सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की समीक्षा की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि गौशाला के निर्धारित नियम स्पष्ट रूप से सार्वजनिक हों और सेवा भावना से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। गौ सेवकों एवं सामाजिक संस्थाओं ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा संस्था से विवाद करना नहीं है। उनका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनवाना है जिसमें गौमाता की सेवा, जीवदया, प्राणी सेवा और समाज की दान भावना—चारों को सम्मान मिले।
