जयपुर, 10 जुलाई। राजस्थान में महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध बढ़ रही अपराध की घटनाओं के विरोध में आम आदमी पार्टी, जयपुर शहर द्वारा गुरुवार को कलेक्ट्रेट सर्किल पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिला सुरक्षा के संबंध में जयपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसका नेतृत्व जिला अध्यक्ष अमित दाधीच एवं जिला संगठन महामंत्री संगीता गौड़ ने किया । जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा महिला अपराधों के मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध लगातार हो रही घटनाओं ने आमजन में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 20 दिन पहले मुख्यमंत्री के वीआईपी मूवमेंट के दौरान आजीविका चलाने के लिए मोमोज का ठेला लगाने वाली युवती रेशु गुप्ता के साथ धक्का-मुक्की के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा उबलता पानी गिर जाने से उसके शरीर का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्होंने इस मामले में पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने तथा सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध ऐसी अनेक घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं, जिससे अपराधियों में कानून का भय दिखाई नहीं देता।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि प्रभावी कानून-व्यवस्था, त्वरित पुलिस कार्रवाई और दोषियों को कठोर दंड मिलने से सुनिश्चित होगी। पार्टी ने राज्य सरकार से महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए तत्काल ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कहा कि यदि सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाने में विफल रहती है, तो उसे नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “बेटी की सुरक्षा ही प्रदेश की सुरक्षा है” तथा “महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
