Wednesday, January 28, 2026
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आक्रोशित हज़ारो कर्मचारियों ने दिया शहीद स्मारक पर धरना

 
       जयपुर, 24 सितंबर। बजट घोषणाओं के पूरा नहीं होने व लंबित मांगों के अनदेखी के विरोध में प्रदेश के हजारों राज्य कर्मचारियों ने अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आह्वान पर आज शहीद स्मारक पर राज्य के हजारों आक्रोशित कर्मचारियों ने  दिया धरना और मुख्यमंत्री के सचिव शिखर अग्रवाल को ज्ञापन प्रस्तुत किया । इसमें सभी जिलों के हजारों कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान जयपुर जिले के विभागों के कर्मचारी जुलूस के रूप में भी धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए महासंघ  एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने सरकार को आगाह किया कि सरकार कर्मचारियों के सब्र की परीक्षा नहीं ले और बजट घोषणाओं की शीघ्र क्रियान्विति करे साथ ही महासंघ के लंबित मांग पत्र 19 मई 2025 की  न्यायोचित मांगों का भी  द्विपक्षीय वार्ता के जरिए शीघ्र निराकरण करें, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे।
      राठौड़ ने कहा कि सरकार ने जो बजट घोषणाएं पूरी नहीं की है उनमें प्रमुख मांगे प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कर्मियों को संविदा पर नियोजित किए जाने की व्यवस्था को चरणबद्ध  रूप से समाप्त कर कार्मिक विभाग के अधीन राजकीय  संस्था का गठन करना । कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स के अंतर्गत नियोजित कर्मियों को पदोन्नति में दो वर्ष की छूट प्रदान करना। मंत्रालयिक कार्मिक, जेल प्रहरी, स्कूल व्याख्याता एवं प्रबोधक आदि कैडरों का पुनर्गठन कर उनके पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि करना। समस्त मानदेय कर्मियों  यथा मिनी आंगनवाड़ी /आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, सहयोगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिड डे मील, कुक कम हेल्पर, लाँगरी, होमगार्ड एवं  रेक्सको एवं शिशु पालन गृह कार्यकर्ताओं इत्यादि को सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त ग्रेच्युटी प्रदान करना। जनता जल योजना कर्मी, एम एन डी वाई , एम एन जे वाई, रसोइया / चौकीदारों को संविदा हायरिंग रूल्स- 2022 में शामिल करना आदि शामिल हैं।
        राठौड़ ने आगे बताया की 19 मई 2025 के लंबित मांग पत्र की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगतियों पर पुनर्विचार करने के लिए उच्च स्तरीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन करना। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) में राज्य कर्मचारियों की जमा एनपीएस कटौती की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में जमा करना। एसीपी का परिलाभ 9, 18 व 27 वर्ष के स्थान पर 8 ,16, 24 व 32 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने पर पदोन्नति पद के समान देना। राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स – 2022 में जिन संविदा कर्मियों /अस्थाई कर्मियों एवं सरकार से सीधा वेतन लेने वाले जिन कार्मिकों के पदनाम शामिल नहीं है उनके पद नाम शामिल करना। अधीनस्थ मंत्रालयिक संवर्ग की द्वितीय पदोन्नति सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद (ग्रेड पे 4200) पर करना एवं सचिवालय के समकक्ष उच्च पद व वेतनमान देना। कैडर रिव्यू में संस्थापन अधिकारी 3% तथा प्रशासनिक अधिकारी 5% करते हुए नए पद सृजित करने सहित अन्य मांगे है | 

          जिन कर्मचारी नेताओं ने सभा को संबोधित किया उनमें  कुलदीप यादव, राजेन्द्र कुमार शर्मा, सर्वेश्वर शर्मा, मोहनलाल शर्मा, राजेश पारीक, देवेंद्र सिंह नरूका, राजेंद्र  शर्मा,बहादुर सिंह, सुरेश नारायण शर्मा, ओम प्रकाश चौधरी, शेर सिंह यादव,बाबूलाल शर्मा, अजय वीर सिंह, तिलक चंद शर्मा, आनन्द सूरा, छोटेलाल मीणा, नरपत सिंह, रवि शर्मा अमित जोशी प्रभु सिंह रावत, विजय सिंह, ओम प्रकाश श्रीमाली, मधुबाला शर्मा श्रीराम मीना, नाथू सिंह गुर्जर, नरपत सिंह, विजय उपाध्याय, प्रेम जरवाल, नवल सैनी, कांति कुमार शर्मा, पंकज शर्मा चन्द्रभान चौधरी, प्रहलाद राय अग्रवाल, रावल सिंह भाटी, गिरराज सोनी, पप्पू शर्मा, पप्पू गुर्जर, नरेंद्र चौधरी, नरेन्द्र वैष्णव, कल्पित जैन, रामनरेश जटवा, रमेश चौधरी, प्रकाश यादव, राहुल यादव, योगेश कुमार, गुलाब सिंह भाटी, महेंद्र गौड़,भगवती लाल, प्रवीण जसरापुर, शैलेन्द्र शर्मा, मुकेश मीणा, संजय गोयल, महेश कुमार, नरेंद्र यादव आदि शामिल हैं।

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