Tuesday, March 17, 2026
Homeलोकल न्यूज़मांगों की अनदेखी के विरोध में राज्य कर्मचारियों का 24 सितंबर को...

मांगों की अनदेखी के विरोध में राज्य कर्मचारियों का 24 सितंबर को जयपुर में धरना


जयपुर, 22 सितंबर। राज्य कर्मचारियों के लिए की गई बजट घोषणाओं की क्रियान्विति नहीं होने तथा लंबित मांगों की अनदेखी के विरोध में प्रदेश के राज्य कर्मचारी 24 सितंबर को अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आव्हान पर जयपुर में शहीद स्मारक पर धरना देंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने एक बयान में दी। राठौड़ ने बताया कि सरकार को सत्ता में आए लगभग पौने दो साल हो चुके हैं। लेकिन  कर्मचारियों की  वाजिब मांगों की ओर उसका कोई ध्यान नहीं है। सरकार के रवैए से प्रदेश के राज्य कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। गौरतलब है कि वित्त मंत्री  दिया कुमारी ने 19 फरवरी 2025 को अपने बजट भाषण 2025 – 26 में कर्मचारियों के लिए कई घोषणाएं की थी। लेकिन उन घोषणाओं की क्रियान्वित नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। 

जिन घोषणाओं की क्रियान्वित की जानी है उनमे प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कर्मियों को संविदा पर नियोजित किए जाने की व्यवस्था को चरणबद्ध रूप से समाप्त कर कार्मिक विभाग के अधीन राजकीय संस्था (आर एम एंड एल सी लिमिटेड)  के गठन किए जाने के आदेश जारी करना।  कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स के अंतर्गत नियोजित कर्मियों को पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट  प्रदान करना।  मंत्रालयिक कार्मिक, जेल प्रहरी, स्कूल व्याख्याता एवं प्रबोधकों आदि कैडरों का पुनर्गठन कर उनके पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि करना। ) समस्त मानदेय कर्मियों यथा मिनी आंगनवाड़ी/ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, सहयोगिनी, माॅ बाड़ी कार्यकर्ता, मिड डे मील, कुक कम हेल्पर, लांगरी, होमगार्ड, रेक्सको एवं शिशु पालन गृह कार्यकर्ताओं इत्यादि को सेवानिवृत्ति पर एक मुश्त ग्रेच्युटी प्रदान करना। जनता जल योजना कर्मी, एम एन डी वाई, एम एन जे वाई, रसोई/ चौकीदारों को संविदा हायरिंग रूल्स- 2022 में शामिल करना।

महामंत्री मोहनलाल शर्मा ने बताया कि 19 मई 2025  के लंबित 25 सूत्री मांगपत्र की प्रमुख मांगों मे वेतन के विसंगतियों पर पुनर्विचार करने के लिए एक उच्च स्तरीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया जाए और कर्मचारी संगठनों का पक्ष सुनकर वेतन विसंगतियों का त्वरित गति से निराकरण किया जाए। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) में राज्य कर्मचारियों की जमा एनपीएस कटौती की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में जमा किया जावे। एसीपी का परिलाभ 9, 18 व 27 वर्ष के स्थान पर 8, 16, 24 व 32 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने पर पदोन्नति पद के समान दिया जावे। ग्रामीण क्षेत्र के कर्मचारियों को मूल वेतन का 10% ग्रामीण भत्ता स्वीकृत किया जावे। होमगार्ड के जवानों को अन्य राज्यों की भांति 12 महीने नियमित ड्यूटी और माननीय उच्च न्यायालय दिल्ली के आदेशों की पालना में पुलिस के समान वेतनमान दिया जाए। आदि शामिल हैं। राठौड़ ने यह भी चेतावनी दी है के यदि समय रहते मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular