जयपुर, 10 मई | राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में शनिवार को आत्मरक्षा (Self Defence) प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला वर्तमान में देश में आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई, जिसमें सभी अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं को आत्मरक्षा के आवश्यक कौशल को सिखाया गया। इस कार्यशाला में Emergency Preparedness and Human Behaviour विषय पर राजस्थान विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य निशांत कुमार स्वामी द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में मानव व्यवहार और बचाव की रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने आत्मरक्षा के महत्व पर जानकारी देते हुए कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। कार्यशाला का उद्देश्य सभी को न केवल आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना था, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी था। इस आयोजन ने संस्थान के सामूहिक प्रयासों को और अधिक मजबूत किया है, जो कि भविष्य में आत्मरक्षा और आपातकालीन तैयारी के समय और अधिक प्रभावी होंगे। आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान से कॉर्डिनेटर डॉक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कार्यशाला में संस्थान के समस्त शिक्षक, चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और आत्मरक्षा से संबंधित विभिन्न तकनीकों और उपायों को सीखा।
