जयपुर, 19 दिसम्बर। चिकित्सा विभाग की ओर से वीडियो कॉल के माध्यम से प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं का औचक निरीक्षण एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद का नवाचार इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। गुरुवार को भी विभाग की प्रमुख शासन सचिव से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों ने गांव—ढाणी तक स्वास्थ्य केंद्रों पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सहित अन्य सेवाओं का वीडियो कॉल के माध्यम से हाल जाना और आवश्यक दिशा—निर्देश भी दिए। श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी, ब्यावर के जवाजा, अलवर के थानागाजी, झालावाड़ सहित अन्य स्थानों पर वीडियो कॉल कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जांची। उन्होंने बीसीएमओ, चिकित्सा संस्थानों पर कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद किया। संवाद के दौरान श्रीमती राठौड़ ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के तहत संस्थागत प्रसव, टीकाकरण आदि मानकों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और इन्हें और बेहतर करने के निर्देश दिए।
आयुष्मान आरोग्य शिविरों का पहुंचाएं अधिक से अधिक लाभ
प्रमुख शासन सचिव ने चिकित्सा अधिकारियों से मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों के आयोजन एवं इनमें उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इन कैम्पों में कैंसर व टीबी स्क्रीनिंग सहित अन्य जांचों पर फोकस किया जाए, ताकि आमजन के स्वास्थ्य के संबंध में फील्ड स्तर से वास्तविक जानकारियां प्राप्त हो सके और लोगों को बीमारी के गंभीर स्तर पर पहुंचने से पहले ही उपचार और परामर्श उपलब्ध करवाया जा सके। साथ ही, स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आवश्यक सुधार कर इनका अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का व्यापक प्रचार—प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को इनसे लाभान्वित किया जाए। इस संवाद के दौरान अधिकांश स्थानों पर सुचारू व्यवस्थाएं देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों पर इसी तरह सेवाभाव के साथ काम करते हुए आमजन को राहत पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को विभाग की ओर से भरपूर प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्हें उल्लेखनीय सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा। आमजन ने भी संवाद के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर सकारात्मक फीडबैक दिया। उन्होंने बताया कि आमतौर पर चिकित्सा संस्थानों में स्टाफ समय पर आ रहा है। साफ—सफाई की स्थिति पहले से बेहतर है एवं जांच, परामर्श और उपचार भी सुगमता से मिल रहा है ।
