जयपुर, 3 दिसम्बर | देशभर से आयुर्वेद चिकित्सा में स्नातकोत्तर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिये शिष्योपनयन संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ धन्वंतरि पूजन एवं हवन से किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के सभी विभागों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा संस्कृत में शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मदन मोहन मालवीय कॉलेज उदयपुर के प्रो. महेश दीक्षित, कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा, प्रति कुलपति प्रो. पी हेमंता, कुलसचिव प्रो. अनिता शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. महेश दीक्षित ने कहा कि आप किसी व्यक्ति की प्रकृति और स्वभाव को नहीं बदल सकते, लेकिन आप उसकी दिशा को बदल सकते हैं उसकी पावर को डाइवर्ट कर सकते हैं।
प्रोफेसर संजीव शर्मा ने कहा कि आज आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर पूरे देश में पहले स्थान पर है। हम सभी को अपने संस्थान पर गर्व होना चाहिए हम सभी की एक ही भावना होनी चाहिए कि हम राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के विद्यार्थी हैं। यह संस्थान पूरे देश में नंबर वन हमारी फैकेल्टी टीचर्स डॉक्टर स्टाफ और स्टूडेंट की मेहनत के कारण बन पाया है। आपकी 3 साल की पढ़ाई के दौरान आपके भविष्य को यहां राइट शॉप दी जाएगी और एक नई दिशा आपको आयुर्वेद के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मिलेगी। हमें नेगेटिव एनर्जी से बचना चाहिए हमारे आसपास या हमारे अंदर यदि नेगेटिव एनर्जी है तो वह हमारे उद्देश्य को खत्म कर देती है, आपका कैरियर आपके हाथ में है कि आप भविष्य में सकारात्मक सोच के साथ कितना आगे बढ़ना चाहते हैं।
आज एक बहुत बड़ा क्षेत्र है, आयुर्वेद आहार से हम आने वाली पीढ़ी को बीमारियों से कई हद तक बचा पाएंगे और उन्हें स्वस्थ जीवन के लिए एक अच्छे आहार का विकल्प दे पाएंगे। पूरे विश्व में आहार के रूप में आयुर्वेद आहार का एक बड़ा बाजार है एक बड़ा अवसर है आपके काम करने के लिये। हमें एक अच्छी रिसर्च करने के लिए वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा तभी हम एक अच्छी रिसर्च कर पाएंगे।
आज पूरी दुनिया समय के साथ बदल रही है हमें भी बदलना होगा विश्व की नजरे आज हमारे ऊपर है आयुर्वेद और ऑर्गेनिक फूड पर है। अपने आप को विकसित करें, अपनी सोच को विकसित करें, अपने संस्थान को विकसित करें,आपके पास लक्ष्य है लेकिन वह निश्चित होना चाहिए।
