जयपुर, 21 नवम्बर। प्रदेश में एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध की रोकथाम के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय के साथ प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। इस दिशा में गुरूवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध रोकथाम के लिए राजस्थान का एक्शन प्लान लॉन्च किया गया। यह एक्शन प्लान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि, डेयरी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा व औषधि नियंत्रण सहित अन्य विभागों एवं जन सहभागिता से लागू किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने इस अवसर पर कहा कि विगत वर्षों में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) जन स्वास्थ्य के प्रति एक बड़ी चुनौती एवं खतरे के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का अत्यधिक एवं अनियंत्रित उपयोग होने के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। साथ ही, पशुओं एवं कृषि में भी दवाओं के अनियंत्रित उपयोग के कारण फूड चेन के माध्यम से भी यह समस्या जटिल रूप ले रही है।
उन्होने कहा कि जीवन के प्रति इस खतरे से बचाव के लिए एक ठोस रणनीति के साथ काम करना होगा। आवश्यक है कि चिकित्सकों द्वारा लिखे गए प्रिसक्रिप्शन की भी ऑडिट हो। स्वस्थ्य जीवन शैली के प्रति आमजन में जागरूकता पैदा हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामूहिक प्रयासों के साथ एएमआर रोकथाम के लिए मिशन मोड में काम किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए प्रदेश में एएमआर निगरानी प्रणाली मजबूत हो, माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाई जाए और संक्रमण रोकथाम के लिए जरूरी उपाय अपनाए जाएं।
