जयपुर । प्रदेश में 5 साल के कांग्रेस शासन की उपलब्धियां को लेकर अब कांग्रेस प्रत्याशी अपने-अपने इलाकों में चुनावी रण को जीतने के लिए जी जान से लग चुके है | सांगानेर विधानसभा सीट में सबसे रोचक मुकाबला सामने आ रहा है 5 साल से सांगानेर में विधायक प्रत्याशी रहे पुष्पेंद्र भारद्वाज फिर से चुनावी मैदान में है तो बीजेपी ने अपने उम्मीदवार को बदलते हुए प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा को मैदान में उतारा है हालांकि दोनों दलों में बाहरी प्रत्याशी को लेकर विरोध का सामना करना पड़ रहा है । बीजेपी में तो प्रत्याशी के विरोध को लेकर प्रदेश कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ वही कांग्रेस के दिग्गज नेता विरोध में पार्टी छोड़कर चले गए लेकिन इसके बावजूद दोनों दलों के प्रत्याशी खुद को मजबूत बताते हुए चुनाव जीतने के लिए पूरे जोश खरोश के साथ जुट चुके हैं।
आपको बता दे कि पिछले 4 चुनावों में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ साबित हुआ। जहा पर कांग्रेस को अब तक जीत नसीब नहीं हुई है कांग्रेस ने लगातार प्रत्याशी बदले लेकिन कोई प्रत्याशी जीत की खुशी लेकर नहीं आ पाया। ऐसे में इस बार कांग्रेस ने पिछले विधायक प्रत्याशी को फिर से मौका देकर एक नया प्रयोग करने की कोशिश की है हालांकि प्रत्याशी को लेकर ही कांग्रेस के अंदर काफी विरोधाभास है और इनका टिकट मिलने के विरोध में जहां हरियाणा ब्राह्मण समाज के बड़े नेता बिरद्धी चंद शर्मा कांग्रेस छोड़ चुके हैं । ब्राह्मण समाज के पंडित सुरेश मिश्रा भी भाजपा शामिल हो चुके हैं वही कांग्रेस के प्रदेश सचिव रामलाल लील भी बसपा से टिकट के पर मैदान में है सांगानेर में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले विष्णु लाटा भी कोप भवन बताएं जा रहे है और लगातार अपने समर्थकों के साथ नई रणनीति बना रहे हैं। टिकट नहीं मिलने तक यह प्रबल संभावना रही कि सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी विष्णु लाटा होंगे
कांग्रेस में डैमेज कंट्रोल करने के लिए कोई सिस्टम सामने नहीं दिख रहा है और लगातार वर्तमान प्रत्याशी को अपनी पार्टी के अंदर ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है यही कारण है कि पुष्पेंद्र भारद्वाज के समर्थन में अब तक कोई नेता खुलकर सामने नहीं आया वहीं दूसरी तरफ भाजपा डैमेज कंट्रोल करने में लगातार जुटी है वर्तमान विधायक प्रत्याशी भजन लाल शर्मा को लेकर मचे घमासान को थामने के लिए संघ के पदाधिकारी ने मोर्चा संभाल लिया है और लगातार रूठे नेताओं को मनाने की कोशिश जारी है पंडित सुरेश मिश्रा के भजन लाल शर्मा को समर्थन मिलने के बाद उनके हौसले बढ़े हैं यह सांगानेर क्षेत्र का दुर्भाग्य रहा है लगातार दोनों पार्टियों की ओर से स्थानीय प्रत्याशियों की अपेक्षा की गई है अब जनता पर बड़ा फैसला इस बात का है कि वह 20 साल से जीत रही भाजपा को फिर से मौका देती है या इस बार कांग्रेस को मौका देने के प्रयास में है हालांकि भाजपा की एकजुटता और संघ की लगातार क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता कांग्रेस की राह को मुश्किल कर रही है।
वर्तमान प्रत्याशी पुष्पेंद्र भारद्वाज की ओर से नई टीम गठित कर ली गई है और पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार बीते 6 साल से अपेक्षा का दौर चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सांगानेर में कांग्रेस की बजाय टीम पुष्पेंद्र चल रही है जो कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता इसको मानने के लिए तैयार नहीं है उनके निष्ठा कांग्रेस पार्टी के प्रति तो है लेकिन व्यक्तिगत निष्ठा को वह अभी तक महत्व नहीं दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सांगानेर विधानसभा क्षेत्र जो कांग्रेस के लिए करो या मरो पर आधारित है क्योंकि इस बार भाजपा के जीतने पर कांग्रेस की सबसे बड़ी हार होगी तो भाजपा के लिए इस बार जितना वर्ल्ड कप जीतना जैसे होगा क्योंकि सांगानेर विधानसभा सीट पूरे जयपुर में ऐसी प्रतिष्ठा वाली सीट बन चुकी है जिस पर सभी की नजर है। कांग्रेस से उपेक्षित नेता जिन्होंने कांग्रेस को छोड़ा है वह पूरे जोर लगाकर भाजपा प्रत्याशी को जिताने जुटे हैं तो दूसरी तरफ टीम पुष्पेंद्र भी मजबूती के साथ लगी है हालांकि गली-गली लोगों के बीच मजबूत पकड़ इस टीम की नहीं है लेकिन पिछले 20 साल के भाजपा विधायकों के रहे शासन को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पेंद्र भारद्वाज मैदान में है तो दूसरी तरफ भाजपा इस बार भाजपा की सरकार बनने के कयास को लेकर अपने प्रत्याशी को जिताने की बात बोल रही है हालांकि अशोक लोहाटी को लेकर जो सांगानेर क्षेत्र में विरोध था उसको थामते हुए पार्टी ने साफ सुथरी छवि के व्यक्ति भजनलाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया है ऐसे में सांगानेर की भागदौड़ संभाल कर भजनलाल शर्मा बड़ी करामात दिखाते हैं या पुष्पेंद्र भारद्वाज पिछले इस बार भाजपा से हुई हार का बदला चुकाते हैं यह आने वाले कुछ दिनों में साफ होने वाला है।
