Wednesday, January 28, 2026
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बीजेपी ने कटारिया मामले में कहा कि राज्य सरकार ने किस आधार पर बनाया मंत्री, मंत्री कटारिया ने चुनाव आयोग को दी झूठी सूचना



जयपुर | बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायकों के साथ ही मंत्री भी झूठ बोलकर जनता की भावनाओ के साथ खिलवाड़ किया है | उन्होंने ने कहा कि आरटीआई एक्टिविस्टों ने कृषि मंत्री लालचंद कटारिया के दस्तावेज निकाले है जिसमें चुनाव आयोग को दी गई गलत जानकारी का मामला सामने आया है। राजस्थान की विभिन्न न्यूज साइट्स पर चल रही खबरो पर लालचंद कटारिया का जल्द जनता के सामने आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरो के मुताबिक राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने स्वयं की शैक्षणिक योग्यता को लेकर चुनाव आयोग में झूठा शपथ पत्र दिया है। कटारिया ने साल 2003 के विधानसभा चुनाव में आमेर विधानसभा क्षेत्र से भरे नामांकन पत्र में खुद को 12वीं कक्षा पास बताया जबकि 2008 के विधानसभा चुनाव में झोटवाड़ा सीट से भरे नामांकन पत्र में उन्होंने खुद को 10वीं कक्षा पास बताया था। ऐसे में शैक्षणिक योग्यता बढ़ना तो दूर कांग्रेस के मंत्री महोदय की कम हो गई। शैक्षणिक योग्यता कम होना कटारिया के शपथ पत्र पर सवाल खड़े कर ही रहा है, जबकि इससे बड़ा चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि कटारिया ने जिस स्कूल से 10वीं तथा 12वीं पास होना बताया, उस स्कूल की ओर से कटारिया को छात्र मानने से इनकार ही कर दिया। इसके बाद उनकी शिक्षा सवालों के घेरे में आ गई है।
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने 2003 के विधानसभा चुनाव में आमेर विधानसभा से भरे गए नामांकन फार्म के साथ दिए गए एफिडेविट में खुद को रायबरेली (यूपी) के इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट (12वीं) पास बताया था। जबकि 2008 के विधानसभा चुनाव में झोटवाड़ा सीट से भरे एफिडेविट में खुद को 10वीं पास बताया था। चार चुनावों में उन्होंने शिक्षा को लेकर अलग-अलग ब्योरा दिया है। चुनाव लड़ते समय हर उम्मीदवार को अपनी शिक्षा, मुकदमों, प्रॉपर्टी, असेट एंड लायबिलिटी को लेकर एफिडेविट देना होता है। इस एफिडेविट में कटारिया ने 2003 के चुनाव में खुद को 12वीं पास बताया, जबकि पांच साल बाद 2008 के चुनाव में खुद को 10वीं पास बताया। शैक्षणिक योग्यता बढ़ तो सकती है पर कम होना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि श्री नर्मदेश्वर इंटरमीडिएट कॉलेज ने लिखित जवाब में लालचंद कटारिया के संस्थान का स्टूडेंट होने से साफ इनकार कर दिया। कॉलेज के प्रिंसिपल ने कटारिया के इस संस्थान से हाई स्कूल और इंटरमीडिएट पास करने के सवाल के जवाब में लिखा है कि लालचंद कटारिया ने श्री नर्मदेश्वर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट परीक्षा पास नहीं की है। लालचंद कटारिया का कोई भी विवरण स्कूल के संस्थागत या व्यक्तिगत रिकॉर्ड में नहीं है। ऐसे में मंत्री लालचंद कटारिया के शिक्षा से जुड़े झूठे एफिडेविट का मामला चुनाव आयोग तक पहुंच गया है। इस मामले मे लालचंद कटारिया के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपने मंत्री की ओर से चुनाव आयोग को दी गई गलत जानकारी के बारे में आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

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